𝐓𝐞𝐧 𝐓𝐢𝐩𝐬 𝐟𝐨𝐫 𝐅𝐞𝐦𝐢𝐧𝐢𝐧𝐞 𝐇𝐲𝐠𝐢𝐞𝐧𝐞 (फेमिनिन हाइजीन)

 

इंटिमेट हाइजीन (Intimate hygiene) की बात कहे या पर्सनल हाइजीन की, महिला और पुरूष दोनों के लिए जरूरी होता है। महिलाओं के सेहतमंद रहने का राज मासिक धर्म स्वच्छता (menstrual hygiene) पर कुछ हद तक निर्भर करता है। पीरियड्स के दौरान हर लड़की और महिला के लिए योनि स्वच्छता और सही तरह से प्राइवेट पार्ट्स की साफ-सफाई का ध्यान रखना बहुत जरूरी होता है। सच तो यह है कि वेजाइना कितना भी हेल्दी हो, वह नैचुरल और स्वाभाविक गंध लिए हुए होता है। इसके लिए फेमिनिन हाइजीन के कुछ टिप्स को फॉलो करने से महिलाएं वेजाइनल और यूरिन इन्फेक्शन जैसे खतरों से बच सकती हैं।

चलिए, वेजाइनल हाइजीन के (Vaginal hygiene) 10 टिप्स के बारे में जानते हैं। इन टिप्स को मेंटेन करने से बैक्टीरियल इंफेक्शन्स और योनि(वेजाइना) में खराब गंध और वेजाइना में खुजली जैसी समस्याओं को होने से रोका जा सकता है। ये टिप्स कुछ इस प्रकार हैं-

1) पर्सनल हाइजीन (Personal hygiene) को मेंटेन करने के लिए फेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए। फेमिनिन हाइजीन प्रोडक्ट्स के अंतगर्त टैम्पोन (tampon), मेंस्ट्रुअल कप (menstrual cup), सैनिटरी नैपकिन, तौलिया, पेनकिलर और साफ पैंटीज़ आदि आते हैं, जिनका सही समय पर बदलाव करते रहना बहुत जरूरी होता है। कहने का मतलब यह है कि सैनिटरी नैपकिन ज्यादा से ज्यादा 6 घंटे में और टैम्पोन को 2-3 घंटे के अंतराल में बदलते रहना चाहिए।

 

2) वेजाइना को एस्ट्रिजेंट सोप से साफ करने पर खुजली या जलन जैसी समस्या हो सकती है, इसलिए हमेशा माइल्ड सोप और पानी से क्लिन करना सेफ होता है। पेरिनियम (Perineum) यानि गुदा (Anus) और योनिमुख के बीच का भाग नरम तौलिए से साफ करना चाहिए, जिससे कि वहां नमी न रहें।

 

3) हमेशा ढीले कॉटन अंडर गारमेंट्स (Cotton undergarments) का व्यवहार करना चाहिए, इससे  गुप्तांग की त्वचा हवा के संपर्क में रहती है। इसके अलावा एक्सरसाइज , स्विमिंग, मॉर्निंग वाक आदि करने के बाद पसीने से भींगे हुए अंडर गारमेंट्स  छोड़कर साफ और सूखे अंडर गारमेंट्स पहननी चाहिए, इससे स्किन फ्रेश और हेल्दी रहती है।

 

4) अच्छा, एक बात बताइए, क्या आपको पता है जेनिटल एरिया को सही तरीके से कैसे साफ करना चाहिए? असल में, मूत्र (यूरिन) और मल को धोते वक्त वजाइना के संपर्क में आने से रोकने के लिए साफ करते वक्त हाथ को या सॉफ्ट टॉयलेट पेपर को आगे से पीछे की ओर ले जाना चाहिए। इससे मूत्र और शौच ( fecal) योनि के संपर्क में आने से बच जाते हैं, क्योंकि इससे बैक्टीरियल इंफेक्शन होने का खतरा होता है।

 

5) अक्सर पीरियड्स के दौरान महिलाओं को सैनिटरी नैपकिन से रैशेज (sanitary napkin rash) की समस्या होती है। इससे बचने के लिए पैड पूरी तरह से न भींग ने पर भी बार-बार बदलें ताकि वेजाइना पूरी तरह से ड्राई रहें और रैशेज के लिए एंटीसेप्टिक क्रीम का इस्तेमाल करना सुरक्षित होता है।

 

6) अगर नैपकिन से महक निकले तो तुरन्त फेंक देना चाहिए (discard your napkins) ।

 

7) सेक्शुअल इंटरकोर्स के बाद वेजाइनल एरिया को साफ करना न भूलें। इंटिमेट हाइजीन को मेंटेन करने के लिए यह करना बहुत जरूरी होता है।

 

8) शायद आपको पता नहीं होगा कि नियमित नहाने के बहुत सारे फायदे भी होते हैं। रोज नहाने से न सिर्फ शरीर साफ रहता है, बल्कि प्राइवेट पार्ट्स भी साफ और स्वच्छ रहते हैं। इससे पीरियड्स के दौरान मेंस्ट्रुअल क्रैम्प और पीठ के दर्द से आराम भी मिलता है। हल्का गुनगुने गर्म पानी से रोजाना स्नान करने से मूड अच्छा रहने के साथ-साथ शरीर और मन को आराम मिलता है। सुगंधित फेमिनिन हाइजीन वाश का इस्तेमाल करने से बचना चाहिए।

 

9) हमेशा पौष्टिकता से भरपूर डायट (Healthy Diet) लेनी चाहिए। पर्याप्त मात्रा में यानि 8-10 गिलास पानी पीना चाहिए, इससे शरीर हाइड्रेटेड रहता है और शरीर से विषाक्त पदार्थ निकल जाने के कारण शरीर से दुर्गंध भी नहीं निकलती है। 

 

10)   इन सबके अलावा, सबसे जरूरी बात यह है कि कम से कम साल में एक बार स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से वुमन हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए। इसके अलावा, अगर वेजाइनल डिस्चार्ज से बदबू आ रहा हो तो डॉक्टर से संपर्क करने में देर नहीं करनी चाहिए।

 

अब तक के चर्चा से आप समझ ही गए होंगे कि महिलाओं को हेल्दी लाइफ जीने के लिए वेजाइनल हाइजीन संबंधित इन सिंपल टिप्स को फॉलो करना कितना जरूरी है। तो फिर इन टिप्स को करें फॉलो और जिएं हेल्दी और हैप्पी लाइफ।

What to do if you have vaginal itching? Watch this video योनि में खुजली, जलन क्यों होती है?

अनुवादक: डॉ. मौसमी दत्ता (Dr. Mousumi Dutta)

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